| 首页| 丁克| 纸牌屋第二季| 微信网页版| 饥饿游戏| 机器人总动员| 锵锵三人行| 萌学园|
您的位置:首页 > 新闻中心 > 社会 > 正文

黑白迷宫

आज पांचवें दिन भी हड़ताल पर रहेंगे दिल्ली के वकील, एलजी के फैसले के खिलाफ कर रहे विरोध प्रदर्शन_我的网站

曹操

A |     Taman, Russia, Oct 8 (UNI) Russia has resumed railway service on the Crimean Bridge and all scheduled trains will be able to cross it, Russian Deputy Prime Minister Marat Khusnullin said.
"As for the railroad, I can say that traffic is fully restored. We will let through all trains that were scheduled, both passenger and freight. We have the technical capabilities to do this," Khusnullin noted.
The senior official added that trucks would have to use ferries to cross the Kerch Strait in the next 24 hours.
"Trucks will go by ferries in the next 24 hours," the senior official said.
Earlier in the day, Russia's National Antiterrorism Committee (NAC) said that a truck was blown up on the Crimean Bridge, which caused seven fuel tanks of a freight train to catch fire and two car spans to partially collapse.
UNI/SPUTNIK GNK。

B |     जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी की सभी जिला अदालतों के अधिवक्ता बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी न्यायिक कार्यों से पूरी तरह दूर रहेंगे। यह निर्णय मंगलवार देर रात दिल्ली की सभी जिला अदालत बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति की बैठक में लिया गया।,समिति ने यह फैसला उपराज्यपाल द्वारा 13 अगस्त 2025 को जारी अधिसूचना के विरोध में किया, जिसे अधिवक्ताओं ने मनमाना और अनुचित बताया है। समिति के महासचिव अनिल बसोया ने बताया कि मुख्यमंत्री और अधिकारियों से बैठक जरूर हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। ऐसे में सर्वसम्मति से तय किया गया कि बुधवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अदालत परिसरों के बाहर विरोध-प्रदर्शन होगा और किसी भी सरकारी अधिवक्ता, ईडी-सीबीआई अभियोजक या पुलिस अधिकारी को अदालतों में पेश नहीं होने दिया जाएगा। उपराज्यपाल की अधिसूचना के खिलाफ अधिवक्ताओं का विरोध लगातार तेज हो रहा है। मंगलवार को भी दिल्ली की सातों जिला अदालतों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और हजारों मामलों की सुनवाई टल गई।,तीस हजारी जिला अदालत के अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर के बाहर उपराज्यपाल का पुतला फूंका और नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। दिल्ली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके शर्मा ने कहा कि यह आदेश अधिवक्ताओं के खिलाफ है और इसे हर हाल में वापस लिया जाना चाहिए।。

Current article:http://in9m4vd.cuiguagonggengaotianwan.shop/s431/86fzf3q.html

Published on:20:18:01


24小时排行