
A | जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी की सभी जिला अदालतों के अधिवक्ता बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी न्यायिक कार्यों से पूरी तरह दूर रहेंगे। यह निर्णय मंगलवार देर रात दिल्ली की सभी जिला अदालत बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति की बैठक में लिया गया।,समिति ने यह फैसला उपराज्यपाल द्वारा 13 अगस्त 2025 को जारी अधिसूचना के विरोध में किया, जिसे अधिवक्ताओं ने मनमाना और अनुचित बताया है। समिति के महासचिव अनिल बसोया ने बताया कि मुख्यमंत्री और अधिकारियों से बैठक जरूर हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। ऐसे में सर्वसम्मति से तय किया गया कि बुधवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अदालत परिसरों के बाहर विरोध-प्रदर्शन होगा और किसी भी सरकारी अधिवक्ता, ईडी-सीबीआई अभियोजक या पुलिस अधिकारी को अदालतों में पेश नहीं होने दिया जाएगा। उपराज्यपाल की अधिसूचना के खिलाफ अधिवक्ताओं का विरोध लगातार तेज हो रहा है। मंगलवार को भी दिल्ली की सातों जिला अदालतों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और हजारों मामलों की सुनवाई टल गई।,तीस हजारी जिला अदालत के अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर के बाहर उपराज्यपाल का पुतला फूंका और नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। दिल्ली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके शर्मा ने कहा कि यह आदेश अधिवक्ताओं के खिलाफ है और इसे हर हाल में वापस लिया जाना चाहिए।。

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E | ”“支持巴勒斯坦人民的自由权利。”

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Published on:06:13:01